सिद्धपीठ सालासर धाम मे गौ भक्त, परमहंस पूज्य संत रतिनाथ महाराज की तृतीय

सालासर - पुण्यतिति का आयोजन किया जायेगा। 19 दिसम्बर को महोनदास जी महाराज की समाधि स्थल पर संत रतिनाथ महाराज की तृतीय पुणयतिथि का आयोजन किया जायेगा। जिसमे रात्रि मे जागरण व प्रसाद का कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमे दिनेशगिरि महाराज, टांई के सोमनाथ महाराज, पालवास के चन्द्रमादास महाराज सहित अनेक संत व श्रद्धालु उपस्थित रहेगे। महाराज के सेवकों ने बताया कि बाबाजी का जीवन स्मरण पाँच वर्ष की आयु में ग्रस्थ जीवन त्याग संन्यास धारण किया
बाल अवस्था से बाबाजी बालाजी महाराज के अनन्य भक्त थे गत बीस वर्षों से बाबाजी कहीं भी जागरण देते लेकिन रात्रि विश्राम बालाजी महाराज के धाम में आकर ही करते थे
मंदिर की मुख्य सभी जागरण जब भी होते बाबाजी अवश्य उस में उपस्थित होकर बालाजी महाराज की भक्ति प्रवाह भजनों से सराबोर होकर भजन कीर्तन करते थे ।
गो सेवा उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य था सम्पूर्ण जीवन गो सेवा को समर्पित हो कर गो माता के चरणों में और बालाजी महाराज की भक्ति में जीवन व्यतीत किया। सभी सनातन धर्म प्रेमियों को उनके सिखाए हुए मार्ग पर चलकर आदर्श मानकर गो सेवा करनी चाहिए। जय श्री नाथ जी की जिओ मेरी जान
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